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महावीर प्रसाद द्विवेदी के निबंध उनकी दूरगामी और खुली सोच का परिचायक है कैसे?

महावीर प्रसाद द्विवेदी के निबंध उनकी दूरगामी और खुली सोच का परिचायक है कैसे?

उत्तर :-

महावीर प्रसाद द्विवेदी खुली सोच वाले  निबंधकार थे, उनके युग में स्त्रियों की दशा बहुत सोचनीय थी,उन्हें पढ़ाई लिखाई से दूर रखा जाता था पुरुष वर्ग मनमाने अत्याचार करता था, द्विवेदी जी इस  अत्याचार के विरुद्ध थे, वे लिंग भेद  के कारण स्त्रियों को हीन समझने के विरुद्ध थे, इसलिए  उन्होंने अपने निबंधों में उनकी स्वतंत्रता की  वकालत की.उन्होंने पुराणपंथीयो की एक एक बात को सशक्त तर्क से काटा,जहां व्यंग  करने की जरूरत पड़ी उन पर व्यंग किया, वे चाहते थे कि भविष्य में नारी शिक्षा का युग शुरू हो, उनकी यह सोच दुर्गमिया थी, वे  युग को बदलते के क्षमता रखते थे, उनकी प्रयास रंग लाई,आज नारिया  पुरुषों से भी अधिक बढ़ गई है शिक्षा के क्षेत्र में पुरुषों पर हावी है.




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