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CBSE Notes for Class 12 Accountancy | class 12 accountancy chapter 1 notes

Class 12 Accountancy chapter 1 Notes | गैर-लाभकारी संगठन की परिभाषा, |   गैर-लाभकारी संगठन के लेखांकन,  


नमस्कार, मै ANSARISE आप सभी को हमारे वेबसाइट मे आने के लिए धन्यवाद,



Class 12 Accountancy chapter 1 Notes | गैर-लाभकारी संगठन की परिभाषा, |   गैर-लाभकारी संगठन के लेखांकन,



आज मै आप सभी को क्लास 12 के अकाउंट बुक के एक चैप्टर अलाभकारी संस्था (non profit organization ) के बारे मे चर्चा करेंगे,

जिनमे हम देखेंगे की अलाभकारी संस्था, कहते है  (nonprofit organization ) , अलाभकारी संस्था (nonprofit organization ) की क्या विशेषता है इत्यादि के बारे मे,

मै इस चैप्टर को एक -एक कर पूरा कवर करूँगा, जिसके लिए आप हमारे चैनल ANSARISE को सब्सक्राइब कर दे,


गैर लाभकारी संस्था का अर्थ (  अलाभकारी संस्था क्या है ) :-


गैर लाभकारी संस्था का अभिप्राय ऐसी संस्था से है जिनकी   स्थापना लाभ कमाने के उद्देश्य नहीं की जाती बल्कि अपने सदस्यो और  समाज को उचित सेवा देने के लिए की जाती है,

ऐसा संस्था अलाभकारी संस्था कहलाती है, अर्थात इस संस्था का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना नहीं बल्कि समाज  सेवा करना होता है, 

( Non-profit association means an organization that is not established for the purpose of making profit, but to provide proper service to its members and society,

Such an organization is called a non-profit organization, that is, the main purpose of this organization is not to earn profit but to serve the society,)



( समाज सेवा का उद्देश्य समाज मे रह रहे लोगो को सेवा करना, उनकी परेशानी को दूर करना, और आपस मे मेल जोल बनाये रखना ही समाज सेवा कहलाता है )


उदाहरण के लिए:-

धार्मिक स्थान:-  धार्मिक स्थान के अंतर्गत  मंदिर,  मस्जिद,  गुरुद्वारा,  गिरजाघर,  इत्यादि आती है,

सामाजिक संस्थान:- सामाजिक संस्थान के अंतर्गत अस्पताल,  पुस्तकालय  इत्यादि होते हैं

शैक्षणिक संस्थान :-शैक्षणिक संस्थान के अंतर्गत विद्यालय,  महाविद्यालय, और  विश्वविद्यालय आते  है,



अलाभकारी संस्था के मुख्य विशेषताऐ :-

1..सेवा प्रदान :-
अलाभकारी संस्था के मुख्य  उद्देश्य  लाभ कमाना नहीं बल्कि सेवा प्रदान  करना होता है,

 अर्थात अलाभकारी संस्था अपने लाभ से नहीं अपितु दूसरे के लाभ के लिए बनाया जाता है,


2.स्थापना:-
अलाभकारी संस्था का  स्थापना समाज और अपने सदस्यो के  द्वारा होता है

3..अलाभकारी संस्था की स्थापना समाज तथा अपने सदस्यों की सेवा के लिए की जाती है,



4.खाता:-
अलाभकारी संस्था संस्थाओं द्वारा प्राप्ति एवं भुगतान खाता ( receipt and payment account ), आय -व्यय  खाता (income and expenditure account )

तथा चिट्ठा ( balance sheet ) तैयार किया जाता है,


5..कार्य:-
अलाभकारी  संस्था  कला,  संस्कृति, धर्म, शिक्षा, खेल खुद प्रसार तथा प्रोत्साहन के लिए कार्य करती है,

6.. इस प्रकार के संस्था के शुभ परिणाम को अधिकय  या कमी के रूप  में जाना जाता है,



अलाभकरी संस्था का वित्तीय विवरण या अंतिम खाता, (financial system or final account of non for profit organization ):-


अभी तक आप ने जान चुके है की अलाभकरी संस्था (non for profit organization ) क्या होता है और इसके विशेषता के बारे मे  भी जान  चुके है,

तो अब आइये जानते है की अलाभकरी संस्था (non for profit organization ) अंतिम खाता मे क्या क्या बनाती है. अलाभकरी संस्था (non for profit organization ) को प्रत्येक वर्ष के अंतिम मे अंतिम खाता बनाना अवश्य होता है

 और वो इन खाता मे निम्न खाता बनाती है जिसमे से :-

1.. प्राप्ति एवं भुकतान खाता ( receipt and payment account ).


2..आय व्यय खाता ( income and expenditure accounts ).


3..आर्थिक चिटठा ( balance sheet ).
साथ है अलाभकरी संस्था  को खाता बहियों की शुद्ध जांच पड़ताल के लिए   तलपट  खाता भी तैयार किया जाता है,

Along with this, a flat account is also prepared for a net check of the books of account to the non-profit organization,

क्योंकि यह खाता प्राप्ति एवं भुकतान खाता ( receipt and payment account ) , आय व्यय खाता ( income and expenditure accounts ).  , आर्थिक चिटठा ( balance sheet ) को तैयार करने मे काफ़ी अधिक सहायता करता है,










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